उत्तरप्रदेश पुलिस ने चर्चित शो “सेक्रेड गेम्स” का डायलॉग मारकर ट्विटर जीत लिया

फेक न्यूज के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस ने ट्विटर पर अभियान छेड़ रखा है. इसमें फिल्मों की तस्वीरों और डायलॉग के जरिए फेक न्यूज के खिलाफ संदेश देने की कोशिश की जा रही है. इस क्रम में सोमवार को यूपी पुलिस के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट किया गया. चर्चित ‘सेक्रेड गेम्स’ की इस तस्वीर में हैशटैग अनसेक्रेड गेम्स लिखा गया है. साथ ही तस्वीर में लिखा है कि जब फेक न्यूज का ये खेल खत्म नहीं होगा… इसके बाद पोस्ट में लिखा है, ‘अपुन इधरिच है.’

पिछले दिनों इसी तरह का एक ट्वीट यूपी पुलिस के ट्विटर हैंडल से किया गया. इसमें दिखाई गई तस्वीर में 3 महिलाएं और 2 पुरुषों ने हाथ में रिवॉल्वर तान रखी है. साथ ही उस तस्वीर पर लिखा हुआ है, “जब कोई फर्जी खबर फैलाता है तो. और इसी तस्वीर वाले ट्वीट के ऊपर कैप्शन है- “जस्ट किल इट”, साथ ही हैशटैग फेक न्यूज़ भी लिखा हुआ है.

इस तरह के ट्वीट को लेकर यूपी पुलिस का ट्वीट आजकल काफी चर्चा में बना हुआ है. डीजीपी मुख्यालय के जनसंपर्क अधिकारी राहुल श्रीवास्तव कहते हैं कि ट्वीट पर दिए गए कैप्शन “जस्ट किल इट” को जिस तरह से समझा जा रहा है, वैसा कुछ नहीं है, जस्ट किल इट के साथ फेक न्यूज भी लिखा हुआ है, जिसका मतलब है कि फर्जी खबर को किल करो!”

सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ यूपी पुलिस सिर्फ ट्वीट ही नहीं, डिजिटल वालेंटियर के जरिए भी जंग छेड़ चुकी है. प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने ऐलान किया है कि प्रदेश के सभी थानों में डिजिटल वालेंटियर बनाए जाएंगे. ये वालेंटियर सोशल मीडिया में फैलने वाली अफवाहों पर रोक लगाने के साथ ही पुलिस को इलाके में चल रही आपराधिक और असामाजिक गतिविधियों की जानकारी देंगे. 21 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले यूपी में 1469 पुलिस थाने हैं. संख्या की बात करें तो पुलिस आबादी के लिहाज़ से यूपी में बहुत कम है और रोज़ नई-नई तरह के अपराधों से पुलिस को दो-चार होना पड़ता है.

दरअसल यूपी में कई ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिनमें किसी बड़ी घटना की शुरुआत सोशल मीडिया के एक मैसेज से हुई. अपने-अपने अनुभवों के आधार पर लोगों ने पुलिस से दूरियां भी बना लीं. इन दूरियों को कम करने और संभ्रांत लोगों को जोड़कर यूपी पुलिस ने डिजिटल वालेंटियर बनाने की शुरुआत की है.

यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने बताया प्रदेश का हर थाना 250 डिजिटल वालेंटियर बनाएगा, जिससे तकरीबन साढ़े तीन लाख लोग पुलिस के डिजिटल वालेंटियर बन जाएंगे. ये वालेंटियर सोशल मीडिया में अफवाह फैलने से रोकेंगे और इलाके में होने वाली असामाजिक गतिविधियों के बारे में भी पुलिस को जानकारी देंगे. समाज के विभिन्न क्षेत्रों से ये डिजिटल वालेंटियर चुने जाएंगे. प्रक्रिया को पारदर्शी बनाते हुए, डिजिटल वालेंटियर के लिए पुलिस फार्म भरवाएगी.
फॉर्म का सत्यापन एसपी स्तर का अधिकारी करेगा. डीजीपी ने बताया कि टीचर, प्रिंसिपल, रिटायर्ड फौजी, पुलिस पेंशनर, पत्रकारों को डिजिटल वालेंटियर बनाने में प्राथमिकता दी जाएगी. यूपी पुलिस की वेबसाइट से डिजिटल वालेंटियर के फॉर्म डाउनलोड किए जा सकते हैं.

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